प्रेरक व्यक्तित्व आदरणीया सन्तोष खन्ना
डॉ. अलका शर्मा
सन्तोष खन्ना जी हिंदी साहित्य की ऐसी हस्ताक्षर है जो किसी प्रकार के परिचय की मोहताज़ नहीं है। वह विधि के क्षेत्रा में भी दशकों से सक्रिय है और कानून की पत्रिका विधि भारती पत्रिका की प्रधान संपादक भी है। लगभग तीन दशकों से वह इस पत्रिका का निरंतर प्रकाशन करती आ रही है। आदरणीया सन्तोष खन्ना जी एक बहुत ही विदुषी, स्नेही, कर्मठ, परिश्रमी, व सहृदय महिला है। में उनके गुणों से बहुत प्रभावित हूँ। जब भी किसी विषय म परामर्श की आवश्यकता होती है और उनसे बात करती हूँ तो उनकी सहृदयता से सुखद साक्षात्कार होता है और उनसे बात कर एक संतुष्टि का भाव संचरित होता है।
साहित्य की प्रत्येक विधा कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास या सामाजिक विधिक विषय पर अपनी लेखनी चलाने वाली वरिष्ठ साहित्यकार सन्तोष खन्ना जी से मेरा परिचय स्वर्गीय डॉ. प्रवेश सक्सेना जी के सौजन्य से हुआ था।
डॉ. प्रवेश सक्सेना दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर थी और संस्कृत की विदुषी होने के साथ-साथ हिंदी की वरिष्ठ साहित्यकार भी थी। वह सन्तोष खन्ना और उनकी विधि भारती परिषद् से जुड़ी थी और उनके आलेख भी विधि भारती पत्रिका म प्रकाशित होते रहते थे। उन्होंने मुझे सन्तोष खन्ना जज से मिलवाया और विधि भारती परिषद् से भी जोड़ा। आज भी प्रवेश जी का स्मरण मुझे भावुक बना रहा है। उनके साथ कई वेबिनारों म भाग लिया और वेद संस्थान के कार्यक्रम आज भी मुझे याद है।
विधि भारती परिषद् से जुड़ने का एक सुफल यह भी हुआ कि मुझे ‘काव्य सलिला’ के सफर से जुड़ने का सुअवसर प्राप्त हुआ। उन दिनों सन्तोष खन्ना जी भारत के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त विभूतियों पर वर्ल्ड रिकॉर्ड ब्रेकिंग प्रोजेक्ट पर भी कार्य कर रही थी । उन्होंने मुझे भी उस प्रोजेक्ट म जोड़ लिया। भारत क्या विश्व भर म ऐसा प्रोजेक्ट पहली बार हाथ म लिया गया था और ऐसा कार्य विश्व की किसी भी भाषा म कभी नह° हुआ था, यह श्रेय हिंदी को मिला, जिससे विश्व रिकॉर्ड बना। ऐसे सारस्वत कार्य में मुझे जुड़कर बहुत खुशी हुई। इसमें भारत के 59 रेमन मैग्सेसे अवार्डी पर किसी न किसी साहित्यकार को हर अवार्डी पर शोध कर न केवल उसका गद्य म प्रोफाइल तैयार करना था अपितु उन पर कविता की रचना कर उसका पोइटिक प्रोफाइल भी लिखना था। यह रचनात्मकता कार्य मुझे इतना रोचक लगा कि मैंने एक नहीं , दो-दो अवार्डीस पर कार्य किया, जो एक बेहद खूबसूरत पुस्तक ‘काव्य सलिला’ काव्य संग्रह पुस्तक म प्रकाशित हुआ। काव्य सलिला पुस्तक से एक विश्व कीर्तिमान स्थापित हुआ था जिसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड, यू.के. ने वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी और उन्होंने ही मेरे कार्य के लिए मुझे दो-दो प्रमाण पत्रा भी दिये।
रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेताओं पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त 59 हिंदी साहित्यकारों ने इस सारस्वत कार्य में भागीदारी की थी। इस वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रोजेक्ट पूरा होने पर सन्तोष खन्ना जी ने जुलाई, 2022 में हिंदी भवन में विधि भारती परिषद् के बेनर तले एक भव्य सामान समारोह आयोजित किया जिसम देश भर से पधारे साहित्यकारों का सम्मान किया गया और सबको विश्व रिकॉर्ड बनने के लिए प्रमाण-पत्रा और प्रशस्ति पत्रा प्रदान किये गये। इसी सब के दौरान मैंने उन्हें कुशल नेतृत्व के गुणों से युक्त पाया।
सन्तोष खन्ना जी का अनुवाद के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य है और अपनी योग्यता से उन्होंने अनेक पदों को सुशोभित किया है। 30 वर्षाे से लगातार बिना रूके वे विधि भारती पत्रिका का कुशल संपादन कर रही है। उम्र के जिस पड़ाव पर लोग थक कर बैठ जाते है वे निरंतर लेखन या किसी अन्य कार्य में अपने को व्यस्त रखा है। उन्ह अपने लेखन के लिए अनेक मंचों से समय-समय पर सम्मानित किया गया और उत्तर प्रदेश के हिंदी संस्थान ने 2020 म उनकी विधि सेवाओं के लिए उन्ह ‘विधि भूषण’ पुरस्कार से सम्मानित किया जिसम अंग वस्त्राम् के साथ उन्ह ढाई लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
ईश्वर उनको स्वस्थ रखें। एक अच्छी लेखिका होने के साथ-साथ वे एक अच्छी माता, एक अच्छी सास, एक अच्छी दादी भी है और परिवार पर स्नेह की वर्षा करती रहती है। वास्तव म अपने परिवार की धुरी हैं जिसके इर्द-गिर्द पूरा परिवार घूमता है। हम दोनों ही ”योग संस्कृति उत्थान पीठ“ संस्था से जुड़े है संतोष खन्ना जी उनकी सलाहकार समिति में है और में उनकी पत्रिका वेलनेस केयर की सह-संपादक हूँ इस नाते हम बहुत से विषयों पर वेबिनार के माध्यम से अपने विचारों का आदान प्रदान व कार्यक्रम संचालन का कार्य करते है। वह भारतीय अनुवाद परिषद् से आरंभ से ही जुड़ी है और इस संस्था की उपाध्यक्ष है। हमम काफी निकटता हो गयी है। इसके अलावा सन्तोष खन्ना जी इंदौर की एक संस्था गोरक्ष सेवार्थ फाउंडेशन से भी जुड़ी है वहाँ से प्रकाशित होने वाली ”अध्यात्म संदेश“ की पिछले लगभग दो वर्ष से वे वरिष्ठ संपादक है और मैं भी उस पत्रिका से संपादक के रूप म जुड़ी हूँ और संतोष खन्ना जी वहाँ की दिल्ली राज्य की अध्यक्ष भी है ।
उनमें दृढ़ निश्चय व लगन बहुत है इसी कारण वे कठिन से कठिन कार्य को भी सरलतापूर्वक कर लेती है और लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत हैं। बहुमुखी प्रतिभा की धनी आदरणीया सन्तोष खन्ना जी वास्तव म हम सब की प्रेरणा है।
सन्तोष खन्ना जी से मिलना ऐसा संयोग है जो देव कृपा से ही होता है। और भी काफी मंचों से हम साथ-साथ जुड़े है। ईश्वर से यही प्रार्थना है वे स्वस्थ रहे और ऐसे ही सदा मुझ पर स्नेह की वर्षा करती रहे। अंत मे उनके लिए दो पंक्ति कहना चाहूंगी।
जिसको भी हमने अपना माना।
उसको बड़ा ही संभाल के रखते हैं।
माला बड़ी छोटी-सी है दोस्तों की,
पर उनम केवल बेशकीमती गुलाब ही रखते हैं।
